भारत-रूस सांस्कृतिक संगम: ‘ड्रीम विज़न’ प्रदर्शनी 7 दिसंबर से दिल्ली में शुरू; कला बनी कूटनीति का सेतु

Lucknow Focus News Desk: भारत और रूस के बीच “विशेष और विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी” को कलात्मक आयाम देने के उद्देश्य से, रूसी संघ के पीपल्स आर्टिस्ट निकास सफ़रोनोव की कलाकृतियों की एक भव्य प्रदर्शनी भारत में शुरू होने जा रही है। ‘ड्रीम विज़न: इंडिया’ नामक यह प्रदर्शनी दो देशों की संस्कृतियों के बीच संवाद स्थापित करने का एक महत्वपूर्ण अंतर्राष्ट्रीय सांस्कृतिक प्रोजेक्ट है। यह प्रदर्शनी 7 दिसंबर 2025 से नई दिल्ली में और उसके बाद मुंबई में आयोजित होगी।

कला, तकनीक और कूटनीति का समन्वय
निकास सफ़रोनोव की यह प्रस्तुति केवल एक कला प्रदर्शनी नहीं, बल्कि ‘सॉफ्ट डिप्लोमेसी’ की एक श्रृंखला का हिस्सा है। रोसनेफ्ट ऑयल कंपनी के सहयोग से लागू किए गए इस प्रोजेक्ट का उद्देश्य कला को अंतर्राष्ट्रीय संबंधों को मजबूत करने के एक शक्तिशाली उपकरण के रूप में दिखाना है।
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कूटनीति में कला: सफ़रोनोव ने 50 से अधिक देशों के राष्ट्राध्यक्षों के पोर्ट्रेट बनाए हैं और 2025 में उनका नाम ‘सॉफ्ट डिप्लोमेसी’ का पर्याय बन गया है। फरवरी में पोप फ्रांसिस ने उन्हें वेटिकन और दुनिया भर में प्रदर्शनी लगाने का आशीर्वाद दिया था, ताकि कला संस्कृतियों को एकजुट कर सके।
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कलात्मक संवाद: निकास सफ़रोनोव 100 पेंटिंग भारत लाए हैं, जिनमें उनके क्रिएटिव करियर के अलग-अलग दौर की कृतियां शामिल हैं। उन्होंने खासकर भारतीय दर्शकों के लिए एक नई श्रृंखला तैयार की है, जो भारत के इतिहास, संस्कृति, धर्म और पौराणिक कथाओं के प्रति उनके सम्मान को दर्शाती है।
परंपरा और इनोवेशन का तालमेल
प्रदर्शनी का मुख्य कॉन्सेप्ट पारंपरिक कला तकनीकों और उन्नत डिजिटल टेक्नोलॉजी का अनूठा तालमेल है।
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आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI): प्रदर्शनी में AI और आधुनिक मल्टीमीडिया उपकरण का उपयोग किया गया है, जो पेंटिंग्स में जान डाल देते हैं। निकास सफ़रोनोव AI को एक सह-निर्माता (Co-Creator) के रूप में देखते हैं, जो दर्शकों को रूसी कला के गहरे दार्शनिक और सांस्कृतिक कोड को भावनाओं की सार्वभौमिक भाषा में ‘पढ़ने’ का अवसर देता है।
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सार्वभौमिक पहुंच: सफ़रोनोव का मानना है कि कला को मल्टीपोलर दुनिया की तरह मल्टीपोलर बनना चाहिए—यानी सबके लिए आसान और समझने लायक। पश्चिमी सांस्कृतिक दबदबे का विकल्प बनाने और आपसी समझ को बढ़ावा देने के लिए प्रदर्शनी में प्रवेश पूरी तरह से निःशुल्क रखा गया है।
प्रदर्शनी का समय और स्थान
| शहर | स्थान | अवधि |
| नई दिल्ली | ललित कला अकादमी | 7 दिसंबर से 21 दिसंबर 2025 |
| मुंबई | (घोषित होना बाकी) | 25 दिसंबर 2025 से 15 जनवरी 2026 |

