लखनऊ

लखनऊ: कैंट में बिजली संकट पर फूटा गुस्सा, मधुबन नगर में 26 घंटे से बत्ती गुल, व्यापारियों और नेताओं का जोरदार धरना

Lucknow Focus News Desk: राजधानी लखनऊ के कैंट विधानसभा क्षेत्र में भीषण गर्मी और उमस के बीच अघोषित बिजली कटौती (Unannounced Power Outage) को लेकर जनता का धैर्य जवाब दे गया है। कैंट के गीतापल्ली वार्ड अंतर्गत मधुबन नगर में पिछले लगभग 26 घंटों से बिजली आपूर्ति पूरी तरह ठप होने के कारण स्थानीय निवासी बेहाल हैं। पूरी विधानसभा में लगातार हो रही अघोषित कटौती से नाराज स्थानीय नेताओं और व्यापारियों ने शनिवार को बिजली विभाग के खिलाफ मोर्चा खोल दिया।

सूबे के ऊर्जा मंत्री के निर्बाध बिजली आपूर्ति के दावों को ‘झूठा’ करार देते हुए आज आक्रोशित जनता और जनप्रतिनिधियों ने पकरी पुल स्थित अधिशासी अभियंता (Executive Engineer) कार्यालय का घेराव किया और वहीं धरने पर बैठ गए। इस दौरान बिजली विभाग और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई और एक ज्ञापन सौंपा गया।

26 घंटे से बिना बिजली-पानी के कट रही रातें, भड़के लोग

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि एक तरफ पारा 45 डिग्री के पार पहुंच रहा है, वहीं दूसरी तरफ बिना किसी पूर्व सूचना के घंटों बिजली काट दी जा रही है। मधुबन नगर में बीते 26 घंटों से बत्ती गुल होने के कारण न सिर्फ घरों के इनवर्टर ठप हो गए हैं, बल्कि पानी का भी गंभीर संकट खड़ा हो गया है। दिन की चिलचिलाती धूप के बाद रात में भी अघोषित कटौती के कारण बूढ़े, बच्चे और बीमार लोग पूरी रात सो नहीं पा रहे हैं।

प्रदर्शनकारियों ने सीधे तौर पर प्रदेश के ऊर्जा मंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि कागजों और बयानों में तो 24 घंटे बिजली देने के बड़े-बड़े दावे किए जा रहे हैं, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि राजधानी के वीवीआईपी इलाकों से सटे कैंट में भी लोग बूंद-बूंद पानी और थोड़ी सी हवा के लिए तरस रहे हैं।

व्यापारियों और लोहिया वाहिनी का साझा मोर्चा, दी उग्र आंदोलन की चेतावनी

अधिशासी अभियंता कार्यालय के घेराव और धरने का नेतृत्व मुख्य रूप से क्षेत्र के दिग्गज व्यापारी नेताओं और समाजवादी पार्टी के विंगों ने किया। नेताओं ने दो टूक शब्दों में कहा कि अगर अगले कुछ घंटों के भीतर मधुबन नगर समेत पूरे कैंट क्षेत्र की विद्युत व्यवस्था को सुचारू नहीं किया गया, तो यह आंदोलन और उग्र रूप लेगा।

धरने में शामिल रहे प्रमुख चेहरे

आज के इस बड़े विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व मुख्य रूप से प्रमुख व्यापारी नेता पवन मनोचा, लोहिया वाहिनी के उपाध्यक्ष प्रदीप शर्मा, कैंट के पूर्व अध्यक्ष रितेश साहू, गीतापल्ली वार्ड के पूर्व पार्षद अरविंद यादव, अनुसूचित प्रकोष्ठ (महानगर) के अध्यक्ष अमन धानुक, कैंट परिक्षेत्र व्यापार मंडल के महामंत्री रूबल सिंह और वरिष्ठ पदाधिकारी बद्री गुप्ता आदि ने किया।

अधिकारियों ने दिया आश्वासन, पर जनता में अविश्वास

घंटों चले घेराव और धरने के बाद मौके पर पहुंचे बिजली विभाग के उच्च अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से ज्ञापन लिया और जल्द से जल्द तकनीकी खामियों को दूर कर मधुबन नगर की बिजली बहाल करने का लिखित व मौखिक आश्वासन दिया। हालांकि, स्थानीय निवासियों और व्यापारी नेताओं का कहना है कि जब तक अघोषित कटौती का यह सिलसिला पूरी तरह बंद नहीं होता, तब तक वे चैन से नहीं बैठेंगे और विभाग की हर लापरवाही का ईंट का जवाब पत्थर से दिया जाएगा।

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