UP Weather Update: नौतपा के बीच यूपी में आज से बदलेगा मौसम, आंधी-बारिश और ओले गिरने की चेतावनी

Lucknow Focus News Desk: उत्तर प्रदेश में भीषण गर्मी, झुलसाने वाली लू और ‘नौतपा’ की तपिश से बेहाल आम जनता के लिए आखिरकार राहत भरी खबर आ गई है। मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, आज यानी बृहस्पतिवार से प्रदेश के मौसम का मिजाज पूरी तरह बदलने जा रहा है। एक नए और सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के प्रभाव से यूपी के अधिकांश हिस्सों में आज से लेकर 31 मई के बीच तेज आंधी, गरज-चमक के साथ प्री-मानसून बारिश होने की प्रबल संभावना है। इतना ही नहीं, मौसम विभाग ने कई जिलों में ओलावृष्टि (ओले गिरने) की चेतावनी भी जारी की है।
तापमान में 8 से 10 डिग्री की भारी गिरावट, एक हफ्ते तक लू से राहत
मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि इस आंधी और बारिश के दौर से उत्तर प्रदेश के आसमान में बादलों का डेरा रहेगा, जिससे तपते हुए तापमान में 8 से 10 डिग्री सेल्सियस तक की भारी गिरावट दर्ज की जा सकती है।
इस मौसमी बदलाव के कारण उत्तर प्रदेश वासियों को अगले एक सप्ताह (लगभग 7 दिनों) तक जानलेवा लू (Heat Wave) और बदन झुलसाने वाली गर्मी से बड़ी राहत मिलेगी। हालांकि, मौसम विभाग ने यह भी साफ किया है कि यह राहत अस्थायी है; करीब एक हफ्ते के बाद जून की शुरुआत में तपिश और उमस भरे दिनों की दोबारा वापसी होगी।
बृहस्पतिवार को बुंदेलखंड और प्रयागराज में जारी रहेगा ‘रेड अलर्ट’
भले ही आज से प्रदेश के कई हिस्सों में मौसम करवट ले रहा है, लेकिन बृहस्पतिवार को राज्य के कुछ हिस्सों में सूर्यदेव का प्रकोप जारी रहेगा।
भीषण लू की चपेट में रहेंगे ये क्षेत्र: मौसम विभाग के मुताबिक, बुंदेलखंड क्षेत्र और प्रयागराज मंडल में बृहस्पतिवार को भी तीव्र लू और झुलसाने वाली तपिश महसूस की जाएगी।
सावधानी बरतने की सलाह: इन इलाकों के निवासियों को दोपहर के समय घरों से बाहर निकलते वक्त विशेष सावधानी बरतने और अत्यधिक पानी पीने की सलाह दी गई है। इसके बाद शुक्रवार से इन क्षेत्रों में भी बादलों की आवाजाही शुरू हो जाएगी।
किसानों के लिए मौसम विभाग की विशेष एडवाइजरी
मई के आखिरी दिनों में आंधी और ओलावृष्टि की आशंका को देखते हुए कृषि विशेषज्ञों और मौसम विभाग ने किसानों को अलर्ट रहने को कहा है। जिन किसानों की फसलें खुले आसमान के नीचे या मंडियों में पड़ी हैं, उन्हें सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की सलाह दी गई है। आंधी के दौरान तेज रफ्तार हवाओं से कमजोर ढांचों और पेड़ों के गिरने की भी आशंका जताई गई है।




