लखनऊ को जाम से मिलेगी राहत, शहर में शुरू होंगी 70 से अधिक नई पार्किंग

Lucknow Focus News Desk: लखनऊ शहर को सड़क किनारे बेतरतीब खड़ी होने वाली गाड़ियों से लगने वाले जाम की समस्या से जल्द ही बड़ी राहत मिलने वाली है। नगर निगम प्रशासन शहर में 70 से अधिक नई पार्किंग शुरू करने जा रहा है, जिनमें 10,000 से अधिक दोपहिया वाहनों के लिए जगह उपलब्ध होगी। इन पार्किंग स्थलों में एक महत्वपूर्ण भूमिगत पार्किंग भी शामिल है।
दिसंबर तक शुरू होंगी मुख्य पार्किंग
नगर आयुक्त गौरव कुमार ने बताया कि नई पार्किंग शुरू होने से शहरवासियों को काफी सुविधा होगी।
शुरुआत: अमीनाबाद की तीन नई पार्किंग और कैसरबाग में चकबस्त कोठी की जमीन पर बनी भूमिगत पार्किंग दिसंबर में शुरू हो जाएंगी। बाकी सभी पार्किंग भी अगले दो महीने के भीतर चालू कर दी जाएंगी।
पार्किंग न होने के कारण लोग अक्सर सड़क किनारे वाहन खड़े करते हैं, जिससे यातायात बाधित होता है और वाहनों की सुरक्षा की चिंता भी रहती है। नई पार्किंग से आवागमन सुगम होगा और वाहन सुरक्षित रहेंगे।
अमीनाबाद में मिलेगी बड़ी राहत
वर्तमान में अमीनाबाद में केवल झंडेवाला पार्क में बनी भूमिगत पार्किंग में सुविधा है, जिसकी क्षमता कम होने से सड़क पर जाम लगता है। अब तीन नई पार्किंग शुरू की जा रही हैं।
घंटाघर पार्क: खाली जमीन पर खुली पार्किंग बनाई जा रही है, जहाँ लगभग 1000 दोपहिया वाहन खड़े हो सकेंगे।
झंडेवाला पार्क के बाहर: रामाबुक डिपो और मान्यवर शोरूम के सामने की खुली पार्किंग फिर से शुरू होगी, जिसकी क्षमता लगभग 600 दोपहिया वाहन होगी।
रैन बसेरा के पास: यहाँ भी एक नई पार्किंग बन रही है, जहाँ लगभग 400 दोपहिया वाहन खड़े हो सकेंगे।
नियमावली और मूलभूत सुविधाएं
पार्किंग के ठेके उठाने के लिए रीजनल सेंटर फॉर अर्बन एंड एन्वायरनमेंटल स्टडीज (RCUES) ने सर्वे करके प्रोजेक्ट तैयार किया है और इसका प्रेजेंटेशन संबंधित विभागों (आरटीओ, यातायात पुलिस, जिला प्रशासन, एलडीए आदि) के समक्ष हो चुका है।
मानदंड: सभी पार्किंग स्थल 2025 की नियमावली के तहत तय किए गए हैं।
सुविधाएं: टेंडर देने से पहले सभी पार्किंग स्थलों पर शेड, पेयजल और शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित की जाएंगी। पार्किंग की दरें भी नई नियमावली के तहत लागू की जाएंगी।




